NAPAK AOURAT KYA KAR SAKTI HAI AUR KYA NAHI
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*🥀 नापाक औरत क्या कर सकती है और क्या नहीं 🥀*
*मसअला-* ह़ैज़ और निफ़िस की हालत में नमाज़ पढ़ना, रोज़ा रखना और जिमा (संभोग) करना हराम है।
*मसअला-* ह़ैज़ और निफ़िस की हालत में नमाज़ें माफ हैं। उनकी क़ज़ा भी नहीं। लेकिन रोज़ों की क़ज़ा और दिनों में रखना फ़र्ज़ है।
*मसअला-* नमाज़ के वक्त में व़ुज़ू करके, इतनी देर तक जिक्र ए इलाही, दुरूद शरीफ़, और दूसरे वज़ीफे पढ़ लिया करे। जितनी देर नमाज़ पढ़ा करती थी। ताकि आदत बनि रहे।
*मसअला-* ह़ैज़ और निफ़िस वाली को कुरान शरीफ पढ़ना, देखकर हो या ज़बानी। और उसका छूना, अगरचे जिल्द ही क्यों ना हो, या उंगली की नोक, या बदन का कोई हिस्सा लगे...। *यह सब हराम है।*
*मसअला-* कागज़ के पर्चे पर कोई आयत लिखी हो, तो
उसका छूना भी हराम है।
*मसअला-* कुरान शरीफ जु़ज़दान में हो तो उस जु़ज़दान को छूने में कोई हर्ज नहीं है।
*मसअला-* इस हालत में दुआ ए कुनूत पढ़ना मकरूह। है।
*मसअला-* इस हालत में जिमा (संभोग) हराम है। लेकिन साथ में लेटने, बैठने और खाने-पीने, बोसा लेने में कोई हर्ज नहीं।
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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