औरतों को बे पर्दा घूमना और अपनी हुस्न व ख़ूबसूरती बनाव सिंगार और जेबों ज़ीनत का दिखाना और मर्द अजनबी को उसकी तरफ़ देखना और बदनिगाही करना कैसा है* 20

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_20/08/1444_* 
*_शाअबानुल मुअज़्जम_* 
*_⛅ दिन; पीर_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_13/03/2023_*     
*_मार्च_*
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*🧮 पोस्ट 36▪️*


*📝 सवाल-;*
*📇 औरतों को बे पर्दा घूमना और अपनी हुस्न व ख़ूबसूरती बनाव सिंगार और जेबों ज़ीनत का दिखाना और मर्द अजनबी को उसकी तरफ़ देखना और बदनिगाही करना कैसा है*


*✍️ जवाब :-* 
*📇 गोया के इस्लाम औरतों को एक अनमोल दौलत समझता है इसलिए उसे पर्दे का हुक्म देता है क्योंकि दौलत अगर परदे से बाहर आ जाए तो खून खराबा का सबब बन जाए दौलत अगर परदे से बाहर आ जाए तो फ़ित्ना व फसाद का दरवाज़ा खुल जाए और इंसानियत व आदमीयत मजरूह होती हुई नज़र आए और इस्लाम यह नहीं चाहता कि किसी की इज़्ज़त मजरूह हो किसी की पारसाई दाग़दार हो किसी की आबरू सरे बाज़ार रुसवा हो किसी की दौलत नामूस ख़ाक आलूद हो इस लिए बे पर्दगी से रोका जाए क्योंकि बे पर्दगी- बाइसे ज़िल्लत व हिक़ारत है, बे पर्दगी- मुख़ालिफ़े अज़मत व हुरमत है, बे पर्दगी- बे हयाई की सबसे बड़ी निशानी है, बे पर्दगी- शरिअते मुस्तफ़ा की ख़ुली हुई तौहीन है, बे पर्दगी- इस्तिख़फ़ाफ़े मज़हब की दलील है, बे पर्दगी- ग़ज़बे इलाही का दावा है, बे पर्दगी- बेदीन की अलामत है, बे पर्दगी-फ़ित्ना व फसाद की जड़ है, बे पर्दगी- जहन्नमी होने की पहचान है, बे पर्दगी- अज़ाबे ख़ुदा को हरकत देने वाली शै है, बे पर्दगी- शिआरे ला दीनियत है, बे पर्दगी- बाइसे ज़िल्लत व हिक़ारत है, बे पर्दगी- बर्बादी ए नामूस व हुरमत है, और सबसे बड़ी बात यह है कि बे पर्दगी ख़ुदा व रसूल की नाराज़गी का सबब है* 

*📚 औरतों के जदीद और अहम मसाइल सफ़ह 87*

*बर्गे हिना पे लिखता हूं मैं दर्दे दिल की बात*
*शायद के रफ़्ता रफ़्ता लगे दिल रुबा के हाथ*

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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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